नव वर्ष मंगलमय हो


आज नववर्ष की पहली तारीख नए संकल्पों की तारीख है। आज के दिन हमें नव वर्ष में अपने जीवन को सुधारने सँवारने और अपने मन में नए उत्साह और उमंग भर कर अपनी आत्मा को नई ऊर्जा प्रदान करने का दिन है। ऐसा माना जाता है कि आज के दिन हम खुशियों में बिताएँगे तो पूरे वर्ष हमें भरपूर खुशी मिलेगी और जीवन आनंदमय होगा।

इसी प्रकार, यदि आज साल के पहले दिन हम यदि संकल्प लें कि हम अपने अंदर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए समुचित राह अपनाएं तो यह हमारी आत्मा की संतुष्टि की राह में एक उपलब्धि होगी। ऐसा माना जाता है कि हम जो भी सोचते और करते हैं उसका एक रेकॉर्ड प्रकृति के पास होता है जो हमारे जन्म जन्मांतर तक आत्मा के संस्कार के रूप में हमारे साथ चलता है । इतना ही नहीं वह प्रकृति का एक हिस्सा बन जाता है और स्पंदन (वाइब्रेशन)के रूप में औरों तक भी पहुंचता है। फिर दूसरे लोग भी हमारी तरह व्यवहार करने लग जाते हैं। हमें हमारे संस्कारों को निर्मित करने के लिए अपने दैनिक जीवन के प्रत्येक क्रिया-कलाप पर ध्यान देना जरूरी है। हम जो कुछ सोचते,बोलते या करते हैं वे सभी प्रकृति के अदृश्य कैमरे में रिकॉर्ड होते रहते हैं । इसलिए यह जरूरी है कि हम अंदर से और बाहर से एक ही हों । कुछ लोगों में सोच और अभिब्यक्ति में अंतर होता है। वे जो सोचते हैं उसका उल्टा व्यवहार करते हैं, जिससे वे सामने वाले की नजर में अच्छे साबित हो सकें। लेकिन वे ये नहीं जानते कि उनके मन की बातें कहीं और भी रेकॉर्ड हो रही हैं, जो उनकी आत्मा का संस्कार बनने वाला है जिसका प्रतिफल उन्हें आज नहीं तो कल भुगतना पड़ सकता है या यूं कहें कि भुगतना ही पडेगा,साथ ही उसका स्पंदन समाज में फैलकर समाज देश और दुनिया के वातावरण को प्रभावित करेगा।


अतः आज के दिन हम संकल्प लें कि हम अंदर और बाहर में अंतर नहीं करते हुए ऐसे व्यवहार करें जिससे कि किसी दूसरी आत्मा को कष्ट न पहुंचे और अपने साथ सबों के लिए मंगल की कामना करें। “याद रखें कि प्रकृति या दुनिया में सुधार तब आएगा जब हम खुद सुधरेंगे’| ’ नव वर्ष मंगलमय हो!


:-- मोहन”मधुर”


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