-------आकांक्षा-------












उन्मुक्त गगन के हम पंछी

उन्मुक्त संदेशा लाएँगे

मन के छुपे विचारों को

जन-जन तक पहुंचाएंगे

जीवन को जीने का हम

सरल मार्ग दिखलाएंगे।

नित जीवन के संघर्षों से

सीख नई पहुंचाएंगे

जन-जन के मन की बगिया में

खुशियों के फूल खिलाएँगे

जीवन को जीने का हम

मधुर राग फैलाएँगे।

छोटे दीपक की ज्योति से

सूरज नया बनाएँगे !

हम सूरज नया बनाएँगे

हम सूरज नया ...........।

:---मोहन ”मधुर”

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